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मेरा बचपन  इलाहाबाद में बीता है | बचपन में अपने आसपास के बच्चों को conventschool में जाते देख मेरी भी इच्छा होती थी कि मेरी पढ़ाई हिंदी माध्यम की जगह अंग्रेजी माध्यम से हो | School के बाद कॉलेज में A TO ZENGLISH SYLLABUS से जब  पाला पड़ा तो अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों  की अपेक्षा हिंदी माध्यम से होने की वजह से मुझे अच्छी खासी परेशानी झेलनी पड़ी यह अलग बात है कि हमारी अंग्रेज़ी की नीव मज़बूत होने की वजह से  कॉलेज पूरा होते होते  हम अंग्रेजी के अभ्यस्त चुके थे |  अपने अतिरिक्त जेब खर्च को पूरा करने के लिए हमने अपनी सहेली की सलाह पर एक औसत दर्जे के convent school में पढ़ाने की ठानी |  इस school kemanagement ने हमें 2 हजार रुपये मासिक वेतन देने की बात कही क्योंकि रिजल्ट आने में 1 माह का समय शेष था | हमने भी हामी भर दी |  धीरे धीरे हमें इस convent schoolके कुछ गुप्त नियम ज्ञात हुए जो निम्न वत है --- 1.School 8:00 बजे सुबह शुरू होता है तो यदि शिक्षिका 8:30 पर आई तो उसके आधे दिन का वेतन कटेगा | ( अब तक के जीवन में मैंकभी भी कहीं भी लेटलतीफ नहीं हुई अतः मुझे इस नियम से कोई समस्या नहीं थी|) 2.इस …

श्री युक्तेश्वर जी के प्रेरणाप्रद वाक्य

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श्री युक्तेश्वर जी ,श्री परमहंस योगानंद जी के गुरु थे | बंगाल के शेरम्पोर नाम के नाम के स्थान पर इनका आश्रम था | श्री परमहंस योगानंद जी ने अपने गुरु के आश्रम में कई वर्ष बिताए | श्री युक्तेश्वर जी लाहिड़ी महाशय के शिष्य थे | श्री युक्तेश्वर जी का जन्म 10 मई 1855 में हुआ था | युक्तेश्वर का अर्थ है - ईश्वर से युक्त  |
       आप आर्थिक रूप से स्वतंत्र रहते थे अर्थात अपने योग-क्षेम  स्वयं वहन करते थे | आप अपने शिष्यों को या सुनने वालों से दान आदि नहीं लेते थे | इनका एक मात्र उद्देश्य  ईश्वर के साथ-साथ रहना और अपने शिष्यों को ईश्वर के साथ-साथ एकमेव कैसे हुआ जाए यह सिखाना था इनके कुछ प्रेरणास्पद वाक्य नीचे दिए जा रहे हैं ……...


युक्तेश्वर का अर्थ है - ईश्वर से युक्त  |

योगानंद जी ने अपने गुरु के बारे में कहा है -

“करुणा के संबंध में कुसुम से भी कोमल, सिद्धांतों के दांव  लगने पर वज्र से भी कठोर” श्री युक्तेश्वर जी का पारिवारिक नाम प्रकाशनाथ करार था यह अपने शिष्यों को लेकर बहुत ही कठोर रहते थे |


साहस यह है - Being Courageous in Hindi

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साहसी होने का यह मतलब नहीं कि हम दूसरों से जीत गए |

      किसी घटना चक्र में हमारी विजय हुई , किसी को हमने घुटने टेकने में मजबूर कर दिया या अपनी इच्छा को उस से कार्यान्वित करवाने में
सफल हुए यह साहसका होना कतई नहीं है | वास्तव में अपनी इच्छा किसी दूसरे द्वारा कार्यान्वित कराने में हम सफल नहीं होते बल्कि पराजित होते हैं ,यह प्रमाण होता है कि अपनी इच्छा को स्वयं कार्यान्वित करने में हम सक्षम नहीं थे इसलिए हमें दूसरों पर आश्रित होना पड़ा | एक प्रकार से उक्त इच्छा के लिए हमने दूसरों की दासता स्वीकार करी | 
साहसी होने  का अर्थ होता है कि हमने अपने कार्य में आने वाली बाधा को स्वयं आगे बढ़कर रोका |         साहसी होने का अर्थ यह है कि हम अपने आंतरिक युद्ध(ना कि बाहरी युद्ध में) विजयी हुए या नहीं ….हम अपने आंतरिक वृतियों से विजई हुए या नहीं | आंतरिक युद्ध जो कि हम हर दिन लड़ते हैं हर क्षण लड़ते हैं | साहसी होने का मतलब जब आंतरिक युद्ध सामने आया तब हममें इतनी इच्छा उत्पन्न हुई कि हम उस युद्ध को करने का साहस जुटा पाए |  सरल से  उदाहरण में “तब जब कड़ाके की ठंड हो तो हम स्नान करने की हिम्मत जुटा पायें…

Hidden face of LOA - आकर्षण के नियम का छुपा हुआ चेहरा

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पिछले कुछ समय से आकर्षण का नियम अथवा आकर्षण का सिद्धांत काफी प्रसिद्धि बटोर रहा है | आकर्षण का नियम या फिर law ऑफ़ अट्रैक्शन तब सुर्ख़ियों में आया जब रोंदा ब्य्रेना नामक लेखिका की लिखी किताब और मूवी "द सीक्रेट" नाम से बाज़ार में आई | आप जान  कर हैरान रह जायेंगे की इस बुक में आपको सिर्फ सिमित जानकारी दी गयी है | निश्चित तौर पर इसमें दिए गये उपायों को आजमा कर  आप काफी कुछ पा सकते है पर क्या आप यह जानते है कि यह ब्रह्माण्ड का अकेला नियम नहीं है  |इसके साथ ही ११ नियम और है जो आपके निर्णय को और आपकी किस्मत को और आपके जीवन को कण्ट्रोल करते है |
आइये जानते है आकर्षण के नियम की कुछ अनोखी बाते
आकर्षण का नियम अथवा आकर्षण का सिद्धांत  हमेशा कार्य करता है , यानी की हर वो चीज जिसकी आपने दिल से ख्वाहिश करी है आकर्षण के नियम के अनुसार आपको दे दी जाएगी | यंहा तक की अगर इस जन्म में आपकी कोई ख्वाहिश पूरी नहीं हो पायी तो वो आपके आने वाले जन्म में पूरी हो जाएगी | और यदि आपने अपनी इक्छाओ या चाहतो  पर नियंत्रण करना ना सीखा तो  यही आकर्षण का नियम आपके अनंत जन्मो का कारण और अनंत कर्मो का कारण भी…