कौन है गुरु ? - who is spiritual master ?

गुरु कौन  है ?
वो जिसमें ईश्वर प्रकट हो जाएँ |

कब मिलेंगे गुरु ?
जब  साधना में आप प्रारंभिक स्तर पार कर  जाएँ |

कौन  मिलवायेगा गुरु से?
भगवान्  जब आपमें योग्यता देख लेंगे , तो वो ही गुरु से मिलाने के सारे अरेंजमेंट कर देंगे

कैसे जाने के फलां ही हमारे गुरु है ?
मन शांत हो जायेगा गुरु के सामने होने से , भले ही वो आपसे  १०-१२ ft दूर ही क्यों ना हो
अगर आप गुरु की वन्दना मन ही मन करोगे तो भले ही आपके गुरु किसी से भी क्यों ना बात कर रहे हो , आप पर दृष्टि जरूर डालेंगे | आप चाहे तो बार बार ऐसा करके देख सकते है परिस्थितियाँ ही ऐसी बनेगी  की आप और आपके गुरु आमने सामने आ जायेंगे | और जब वो आयेंगे आपका मन ठहराव महसूस करेगा |

कहाँ खोजे ?
कंही ना खोजिये | सिर्फ मानसिक पूजा कीजिये ईश्वर की , योग्यता आने पर भगवान् खुद ही ढूंढ के देंगे आपके योग्य गुरु .तब तक के लिए ईश्वर   की मानसिक तस्वीर ही आपकी गुरु है |

कहाँ  पायें  ?
जब ईश्वर ही आपके गुरु है तो भीतर पायें अपने भीतर... सर्वप्रथम भीतर ईश्वर को अपना गुरु मान पूजते रहें | जब साधना की प्रारंभिक कक्षा पार कर लेंगे तो वो ईश्वर किस जीव अथवा व्यक्ति  में पूर्णतः प्रकट हुए है ,उससे आपको मिला देंगे |

क्या करें की गुरु मिल जाए ?
भजन / मंत्र जाप  ही एकमात्र उपाय है ईश्वर और गुरु से मिलाने का |
 जब तक भजन ना जागृत हो एकाग्रता बरतते  रहे ताकी भजन जागृत  हो जाएँ |

गुरु सेवा क्या करें ?
ऐसी अवस्था में जंहा गुरु मिल गये  सेवा भी आपको सहज में ज्ञात हो जाएगी |
आपके  कोई प्रश्न हो तो पूछे हम अपने गुरु से पूछ कर बता  देंगे |

यंहा भजन की बार बार बात हुई है ? भजन कौन सा करें ?
भजन वो जो सहजता से हो जाए |
भजना यानी याद करना -अपने अस्तित्व के स्तोत्र को , उसको जो आपमें बसा है ,जंहा से आप आये हो , जिसे मन आराम से भज सके वह भजन , और मन लम्बी लम्बी प्रार्थनाओ को उठते बैठते नहीं भज सकता , वह भज सकता है को या फिर ईश्वर के  कोई छोटे से नाम को , वो जो आपकी आती जाती साँसों में प्रवाहित हो सके | आप चाहे माने अथवा ना माने आध्यात्मिक उन्नति में  ही आपका मन ठहराव महसूस करने लगता है ,उस समय वह यही चाहता कि कोई  ऐसी सरल  विधि मिल जाए जो उठाते जागते सोते  भी आप कर सको और आपकी उन्नति  रहे |

यदि गुरु पैसे मांगे तो ?
वह व्यक्ति गुरु हो ही नही सकता जो आपसे पैसे मांगे | वो कोई ठग होगा | गुरु की चाहिए  प्रयत्नं, वो आपसे ये नही कहेंगे की आप दान पेटी में दान डाल दे | वो आपसे कहेंगे कि आप और आध्यात्मिक कोशिश करें |

क्या आध्यात्मिकता हमें संसार से दूर कर  देगी ?
नहीं , आध्यात्मिकता आपके मन को शांत कर देगी | अगर आपने आध्यात्मिकता को सही से समझा तो यह आपको संसार के सारे सुख देते हुए , आपकी आत्मा को प्रफुल्लत रखेगी | आपके स्तर को तभी उचा उठाया जायेगा जब आप यह निर्णय लोगे की मैंने सारे उपभोग भोग लिए अब मई आध्यात्मिकता में और ऊपर प्रगति करना चाहता हूँ |


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