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उसका प्रेम हर एक पल हमारा ख्याल रखता है .....

क्या ऐसे एहसास आपको होते है.......
1.   आपके पास कोई समस्या है समाधान के रूप में दो विकल्प हैं .......एक समाधान ऐसा है जिसे आपका मन  तोते की तरह दोहरा रहा होता है | दूसरा ऐसा है जिसे कोई एक बार शांति से कहता है और चुप हो जाता है |  क्या कभी ऐसा हुआ है ?.......और अगर आप मान लीजिए पहले  सलूशन को फॉलो करते हैं  और वह गलत निकल जाता है जबकि दूसरा जो ऑप्शन आपके दिमाग में आया था आप कहते हैं अरे  यह बात मेरे दिमाग में आई थी !
        जी हां.... आई तो आपके दिमाग में ही थी!!..... पर कैसे आई थी कभी इस पर बात पर भी ध्यान दें | एकदम शांति से आई थी ...क्या किसी ने  आकर कुछ कह दिया था ? ...ऐसा लगा था कि कोई आया और आपसे कुछ कह कर चला गया !!!!!!
2.   आप किसी मुसीबत में पड़ने वाले हो और ऐसा महसूस हुआ हो जैसे किसी ने आदेश दिया हो यह करो ! और जैसे ही अपने बस.... किया हो आप बच गए हो | क्या उसके बाद कभी सोचा कौन  था किसने बचाया ?
3.   आप  गहरी चिंता में गाड़ी चला रहे हो | आपके एक्सीडेंट होने से पहले आपका सारा ध्यान .... सारा ध्यान... वर्तमान में आ गया हो | हाथों से अपने आप गाड़ी की स्टेयरिंग  मुड गयी  हो और आप बच गए हो और आप सोच रहे हो अरे आज तो मेरा राम नाम सत्य होते होते रह गया | कभी दिमाग में आया है की किसने मदद की |
4.   घर से बाहर निकले मौसम साफ है आपने विचार किया आज मौसम साफ है और एक विचार तुरंत आया बारिश होगी शाम होते-होते बारिश होने लगी आप अपने किसी मित्र गण को यह बताने में व्यस्त होंगे..... मुझे पता नहीं क्यों लग रहा था कि बारिश होने वाली है जबकि मौसम साफ था क्या कभी दिमाग में आया कि अचानक से किसी ने मौसम की सटीक जानकारी कैसे दे दी ?
‘’’’ईश्वर द्वारा नियुक्त इन् सहायता करने वाली दिव्य शक्तियों का प्रेम आपके लिए अतुलनीय होता है आप चाहे सही हो अथवा गलत ये हमेशा आपके साइड में रहती है | आप सुख में हो या दुःख में भीड़ में हो या अकेले  ये आपका ख्याल बच्चो की तरह रखती है ‘’’’

थोड़े विस्तार से बात करते है उन  दैवीय शक्तियों की ,जो ईश्वर द्वारा हमारे  सहायता के लिए हर पल उपलब्ध रहती है | हम कुछ उद्देश्यों को लेकर जन्म लेते   है | शरीर धारण करने के साथ साथ कुछ दिव्य आत्माए हमारे सहायता के लिए तत्पर हो जाती है | हमारे जीवन के हर उतार चढ़ाव पर इनकी नज़रें  रहती है |  ये हमेशा इस बात का ध्यान रखती  हैं कि हम अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आगे बढ़े रहे हैं अथवा  नहीं | यदि हम अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए आगे नहीं बढ़ गए हैं तो वह तरह-तरह से हमें संदेश पहुंचाती है |ये दिव्य शक्तियां ईश्वरऔर हमारे बीच सबसे सीधी कड़ी है | इन दिव्य शक्तियों का संबंध हमारे आज्ञा चक्र से , सहस्त्रार चक्र से सीधे तौर पर रहता है | हमारा अवचेतन मन हमेशा ही इन के संपर्क में रहता है , लेकिन ये  हमारे जीवन चक्र को संचालित नहीं करती हैं | हमें इस बात की पूरी आजादी रहती है कि इस जीवन में हम अपने उद्देश्यों को पूरा करें या ना करें | यह हमारे निर्णय पर निर्भर करता है पर यह समय समय पर  याद दिलाती रहती हैं कि  उद्देश्य की पूर्ति हेतु यह जन्म लिया है |
यदि हम यह चाहते हैं कि हमें आत्माओं की सहायता नहीं चाहिए तब यें हमारी सहायता नहीं करती हैं अगर कभी आपके मन में किसी क्रोधवश ऐसे विचार आये की मुझे किसी की मदद नहीं चाहिए उस वक्त ये भी आपकी सहायता करना बंद कर देती है आगे से ऐसा सोचने से पहले इस बात का ध्यान रखियेगा ......पर यें हमेशा ही हमारी सहायता के लिए तत्पर रहती और जैसे ही हम यह कहते हैं कि हमें उनकी सहायता चाहिए तुरंत हमारी सहायता करने की कोशिश करती हैं | हर समय हर पल की याद दिलाने की कोशिश करती रहती है कि हम आपके लिए हैं ......हर परिस्थिति में चाहे ....परिस्थिति अनुकूल या प्रतिकूल हो के लेकिन हो यह हमारा साथ कभी नहीं छोड़ती | वास्तव में यें हर समय हमारे पक्ष में रहती हैं अगर हमसे गलती हो जाती है तो वह बहुत आंतरिक लेवल पर जानते हैं कि मुझसे गलती क्यु हुई है ... इसकी वजह क्या है | हमारे प्रति इनका प्रेम पूर्णतः निस्वार्थ और सबसे अधिक होता है | हम सिर्फ अपने  वर्तमान जीवन चक्र के बारे में जानते हैं जबकि यह हमारे पिछले कई जीवन चक्रों के बारे में भी जानते हैं | अगर हमारे सामने कोई समस्या आ खड़ी हुई है तो हमें इस समस्या की वजह , उसकी जड़े कहां पर है ? इस जीवन में है ....अथवा पिछले जीवन में ये जड़े है ये भी जानती है |
यदि आप कभी ध्यान अवस्था में बैठते हैं तब आपको  कई सफ़ेद बिंदु दिखाई देते है और ऐसा एहसास होता है ... कुछ लोग सामने खड़े है |  ये दिव्या आत्माएं ही होती है कई बार हमारी परिचित आत्माए आत्म उन्नति के द्वारा दिव्यता  के इस स्तर पर पहुँच जाती है |  कभी-कभी यह आकार भी ले लेती है | इनका आकार अथवा रूप  लेना मतलब इंसान जैसा दिखना आपके बढ़ते ऊर्जा स्तर को भी बताता है | ध्यान की अवस्था में अधिकतर ये उन रूपों में दिखते है जो आपको  सबसे ज्यादा स्वीकार है |

कभी-कभी ऐसा भी होता है कि आपको कोई संदेश पहुंचाने के लिए यह आपके सपनों में ऐसे रूप धारण करके आते है जिनसे आप बहुत ज्यादा प्रभावित हो ताकि आप इन संदेशों को पूरी तरह से स्वीकार कर सके|

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