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जानिये क्या होता है जब भगवान् कलियुग की अपडेट लेते है

हाँ तो सीन कुछ ऐसा है कि गोलोक में ईश्वर , हनुमान जी और एक इक्कीसवी शताब्दी का लेटेस्ट भक्त बैठे हुए है व आपस में वार्तालाप कर रहे है |
आइये आगे बढ़ने से पहले लेटेस्ट भक्त का परिचय जान लेते है |
नाम – नाम में क्या रख्खा है ,भक्त ही समझो !
ये महाशय हमारे युवा भक्त है| धरती में ये भारत जैसे महान देश में रहा करते थे ,इनका बचपन कान्वेंट की किताबो में, तरुणाई विडिओ गेम्स में और युवा अवस्था सरकारी नौकरी की तैयारी में ही गुजर ही  रहा था कि  by mistake of चित्र गुप्त ये काल के गाल में समा लिए |
direct to भक्त – “क्युकी बचपन, तरुणपन ,युवापन में अपन ने ऐसे कोई काम नहीं किया था कि पापकर्म में आते अलबत्ता भूलभुलैया फिल्म का हरे राम हरे राम गाना इत्ती बार गया कि भगवान् ने इसे लेटेस्ट म्यूजिक का भजन मान ,अपने बगल में स्थान दे दिया तो अब हम यंही आराम फरमाते है ...मरने की वजह तो हमारी तेज़ रफ़्तार bike घर वाले समझ रहे है ,लेकिन मै बताऊ तो  मै बस कोमा में इंटर किया ही था कि यमराज ने यमदूत की ड्यूटी लगा थी अपने पीछे | डॉ साहब ने भी यमदूतों को cooperate करते हुए हमारी बॉडी को डेड declare कर दिया ...फिर भी मै कोमा से वापस आ ही रहा था कि साले दोस्त ने घर वालो के साथ मिल कर जल्दी जला दिया |वही है ना , “हर एक दोस्त कमीना होता है” .ऐसे समझो के मैंने अपनी थोड़ी उंगली भी हिलाई थी और जो मेरे दोस्त ने देखि भी थी |साले ने भूत समझ जल्दी जल्दी अर्थी शमशान में पहुंचा दी और हम जिन्दा होते -होते जल मरे | चैन बस भाई साहब इतना है कि भगवान् ने अपन को बैकुंठ धाम में रख लिया |
( द्वापर के बाद अब जाकर भगवान् के contact में कोई भक्त आया है, वो भी ऐसा जो current affairs और general knowledge से भरपूर है | एग्जाम में ना सही पर भगवान् के काम तो भक्त की knowledge आ ही सकती है सो ईश्वर यदा -कदा उससे अपडेट लेते रहते है | )
वैसे ईश्वर को अपना ये भक्त बड़ा प्यारा है , सो उसकी सुख- सुविधाओं में कोई कमी नहीं रक्खी है| बैकुंठ वाले ने मस्त 3d टीवी लगा रक्खी है , फिलहाल चैनल में ndtv लगा हुआ है और राम मंदिर मुद्दा छाया हुआ है |
ईश्वर – “भक्त हनुमान” !
हनुमान जी- “बोलिए भगवान्”|
ईश्वर- “भक्त ! हमने कितने ब्रह्मांडो को बनाया है ?”
हनुमान जी  -“भगवान्! जब आपको ही नहीं पता तो मै कैसे बता पाऊंगा ?”
भगवान्- हमने असंख्य ब्रह्माण्ड बनाये | हर ब्रह्माण्ड में अगिनत ग्रह, तारे, चाँद, सितारे बनाये |
हनुमान जी –“जी प्रभु!”


भगवन – “अरे! जी प्रभु ,बाद में करना पहले ये बताओ कि  फिर ये छोटी सी पृथ्वी के मनुष्य राम मंदिर यानी हमारे मंदिर के लिए छोटे से स्थान के लिया क्यों लड़ रहे है |”
हनुमान जी – “प्रभु ! जब ये क्यों लड़ रहे है exactly ये ही नहीं समझ पा रहे ....तो मै ठहरा बंदर ...मै कैसे जानूंगा ,आप अपने इस लेटेस्ट भक्त से क्यों नही पूछते आज कल हमारी खातिर दारी से ज्यादा तो बैकुंठ के सेवक इनकी खातिरदारी करते है |”
ईश्वर ( अब अपने लेटेस्ट  भक्त की तरफ देखते हुए )- “हाँ भई ,तुम बताओ”
भक्त –“अपन को नहीं मालूम | भगवान् जी!”
भगवन – “हम्म!!!! बेटा इसी वजह से तेरे gk के पेपर में नम्बर कटते होंगे | क्या तूने यही preparation की थी ?”
भक्त – “भगवन, ये आउट ऑफ़ सिलेबस question है” .
भगवन – “हनुमंत ! इसे कुछ नहीं पता | हमारे messenger को बुलाया जाए . .....उसे हर बाल की खाल पता होती है |”
हनुमान जी – “हे प्रभु! नारद जी आजकल busy चल रहे है उन्होने अवतार ग्रहण किया है |वो भी पृथ्वी पर!!!!”
ईश्वर(आश्चर्यचकित होते हुए) – “नारद वंहा क्या करने गया है ????और कौन सा अवतार ग्रहण कर लिया इसने . विस्तार सहित वर्णन करो .....”
 हनुमान जी(in full mode of informer)- हे भगवन! स्वर्ग से उनकी importance ख़तम हो रही थी तो वो पृथ्वी की तरफ move कर गए ,वंहा अमेरिका के new york नामक नगरी  में मार्क जुकरबर्ग नामक अवतार ग्रहण किया है |अब वो फेसबुक ,whats app नामक सोशल मीडिया चलाते है, जो उनका द्वारा करने वाले सारे कामो को जैसे लगाईं बुझाई बुवाई या कटाई वाले सारे कामो को पूरे ब्रह्माण्ड में उन्ही के स्पीड से पूरा कर रहा है |”
ईश्वर (विचारते हुए)- “कमाल है.... नारद वंहा कार्य कर रहे है ...तो यंहा का कार्य कौन सम्हाल रहा है ?”
हनुमान जी – “हे अनंत ब्रह्मांडो के स्वामी ! .... नारद जी आपके द्वारा दिए हुए कार्यो में बिलकुल भी ढील नहीं बरत रहे हैं | वह स्वयं फेसबुक और whats app  सम्हालते है ,उनके चेले twitter messenger & instagram सम्हालते है | वहीँ से नारद जी स्वर्ग, नरक ,शिवलोक ,गोलोक ,ब्रह्मलोक, पाताल सभी को manage कर रहे है | मनुष्य के साथ साथ other ब्रह्मांडो के नारद, सारद, शेष ,महेश ,ग्यानी ,अज्ञानी सभी इन्ही सोशल मीडिया से स्वयं को अपडेट रखते है | भगवन वंही से नारद जी न्यूज़ updating  –लगाईं बुझाई करते रहते है | मै स्वयं हर मंगलवार इस मोबाइल से उस मोबाइल इस पेज से उस पेज  तक उछल कूद कर अपने भक्तो को दर्शन दे आया करता हूँ|
ईश्वर (अब अपने लेटेस्ट भक्त की तरफ प्रेमपूर्वक देखते हुए )- “पुत्र ! इन् affairs के बारे में कुछ पता है या ये भी आउट ऑफ़ सिलेबस है ?”
भक्त ( दुखी और खिसियाई हुई मुद्रा में) – “क्यों जले पर नमक छिड़क रहे हो ,भगवन! ले दे के facebook और whats app में ही जीवन के तत्वों के दर्शन होते थे, सो चित्रगुप्त की दया से वंहा भी नाम के आगे LATE लग गया |” 
हनुमान जी- भक्त से – “अरे मूर्ख !....... जो काल है, कराल है ,महा काल है ,इनसे तू ऐसे क्यों बात कर रहा है?? क्या तुझमे अक्ल का अकाल है ?”
ईश्वर (मुस्कुराते हुए)– “जाने दो हनुमान जी !!! इस भक्त में अज्ञान है.... बेटा नादान है | यही तो कलियुग का मान है ..... job ना पाने से परेशान है .... पुत्र तू चिंता ना कर, जब तक नारद जी .........i.......i mean मार्क जुकुर्बर्ग यंहा नहीं आ जाता तुम मेरे messenger की तरह काम करो |

                                            आगे जारी है .............




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