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Showing posts from February, 2017

साँसे और आध्यात्मिकता ( management of breathing power ) part 2

ऊर्जा को अधिक से अधिक ग्रहण करने के लिए साँसों के साधन को किस तरह उपयोग में  लाया जा सकता है ? यह जानना आसान है और इसके प्रयोग भी आसान है | बस आपको दो चीजों का विशेष ध्यान रखना है –  १- आराम से करना है ..कोई जल्दबाजी कोई हड़बड़ी नहीं करनी |  एकदम नेचुरल तरीके से करना है |  २- आँखे बंद करके थोड़े समय के लिए ही करना है ..2 min.  से 10min.के लिए उससे ज्यादा नहीं |

 आपको करना क्या है ? आपको बस अपनी breathing cycle को बढ़ा देना है यानी अपनी सांसों को गहरी करना है | कैसे ??? १- अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें | जैसे ही आप ध्यान केंद्रित करेंगे यह खुद ब खुद गहरी होती जाएंगी| बस आप अपनी सांसों के प्रति awareहो जाए | यह आसान है | ऐसा आप कभी भी कर सकते हैं -- खाना पकाते समय , कार धोते समय , कपड़े धोते समय, नाश्ता करते समय, किसी का इंतजार करते समय.. अर्थात कोई भी कार्य करते समय आप जैसे - जैसे अपनी सांसों की प्रति अवेयर होती जाएंगे वैसे -वैसे यह और भी गहरी होती जाएंगी|

२- रेचक पूरक और कुंभक के समय को थोड़ा बढ़ाने की कोशिश करें |

३- प्राणायाम ,योगाभ्यास ,exercise से भी आपकी साँसों की अवधि बढती है | उनका …

साँसे और आध्यात्मिकता ( Management of breathing and spirituality) पार्ट - 1

दैवीय शक्तियों से संपर्क बढाने के लिए हमारे पास कई तरहके साधन उपलब्ध है , जिनमेसे महत्त्वपूर्ण साधन है -- हमारी साँसों की शक्ति ,क्योकि साँसों के द्वारा भी ब्रह्मांडीय ऊर्जा शरीर मे प्रवेश करती है | मस्तिष्क जितनी ज्यादा ब्रह्मांडीय ऊर्जा को ग्रहण करता है ...उतना हीदैवीय शक्तियोंसे संपर्क करने की उसकी क्षमता बढ़ती चली जाती है |
जब साँसे गहरी होती है तब शरीर ज्यादा ऊर्जा को ग्रहण करता है इसी तरहजब साँसे छोटीहोती है तो दैवीय शक्तिशरीर में कम प्रवेश करती है | सामान्य रूपसे देखे तोएक शिशु कीसाँसेकी सबसे ज्यादा गहरी होती है जबकि एक वृद्ध व्यक्तिकी लगभग उथली/छोटी साँसेहोती है | योगाभ्यास में सांसों पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया है | उसकी वजह यही है... बाहर जातीसांसें अपने साथ कार्बन डाइऑक्साइड के साथ नकारात्मक ऊर्जा कोभी बाहर करती है शरीर से | गहन ध्यान की अवस्था में , नींद में अथवा हिप्नोटिज्म की अवस्था में सांसें अकसर गहरी हो जाती हैं | गहरी सांसों में आपका संपर्क आपके अवचेतन मन से बढ़ जाता है | साँसे जोहमारे लिए साधारण अति सूक्ष्म घटना है इसके विभिन्न प्रयोगयोगशास्त्र में दिए गए हैं |जिससे …