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जानिए कैसे करे सम्पर्क दैवीय शक्तियो से

बात करते हैं दिव्य शक्तियों से संपर्क कैसे बढ़ाएं ? दिव्य शक्तियां , देवी देवताओं से बातचीत , उनके निर्देशों   को समझना ,उन्हें  महसूस करना.... लगभग हर इंसान की इच्छा होती है |
हर कोई बहुत अंदरुनी तौर पर यह जानना चाहता है कि वास्तव में शक्ति है या नहीं ???.... इन का आभास कैसे करें ?  जब वह किसी सिद्ध को देखता है, किसी अच्छे साधु महात्मा को देखता है ,फकीर को देखता है ...तब उसके दिमाग में हमेशा यह बात आती है कि अगर ये लोग  ईश्वर को महसूस कर पा रहे हैं तो हम ईश्वर को क्यों नहीं महसूस कर पाते ? अगर यह ईश्वरीय प्रेम को इतना महसूस करते हैं तो हम क्यों नहीं इसे फील कर पाते ?
आइए इसी पर बात करते हैं.........
ईश्वरी ऊर्जा अथवा दैवीय शक्तियां हमारे शरीर की ऊर्जा अथवा शक्तियों  से कहीं ज्यादा प्रबल होती है | यह ऊर्जा चाहे  देवी देवता के रूप में रहे ,दिव्य शक्तियों के रूप में रहे या  गुरु के रूप में रहे ..यह ऊर्जा हमारे शरीर की ऊर्जा से हमेशा ही ज्यादा रहती है |

लेकिन अपने आत्मिक शक्तियों को हमे बहुर कम कर के भी नही आंकना चाहिये | ईश्वरीय  चेतना के अंश होने के कारण, हमारे अन्दर भी शक्तियों का भण्डार दबा रहता है पर जीवन के उतार चढ़ावों में हम हमेशा अपनी शक्तियों को  ignore कर देते है और इन्हें सुप्त अवस्था अथवा sleeping mode में दाल देते है | ये भी ध्यान दे कि हम घर में बैठे-बैठे बीमार पड़ जाते हैं और पीर, फकीर, साधु - संत बाहर जाड़ों में रहते हुए पहाड़ों पर रहते हुए भी बीमार नहीं पड़ते हैं ..आखिर वो भी तो हमारी तरह मनुष्य है | वें यह इस बात का सबूत है कि उनकी शारीरिक ऊर्जा कितनी मज़बूत  रहती है | इसका सीधा सीधा अर्थ यह है कि आप अपने स्वास्थ्य का पूरी तरीके से ख्याल रखें और अपने स्वास्थ्य को अच्छे से अच्छा करें | अगर आपको कोई रोग है तो वह आपकी ऊर्जा को घटाता है इसलिए वह सारे उपाय जिससे आपका शरीर स्वस्थ रहें | जैसे... योग ,ध्यान ,प्राणायाम ,एक्सरसाइज, अच्छा खानपान और ढेर सारा पानी पीना | सबसे आंतरिक लेवल पर एक मनुष्य को हमें खुद पता रहता है कि हमारे लिए कौन सी चीज स्वास्थ्यवर्द्धक होगी | हमें खुद पता रहता है कि ऐसा क्या करें जिससे हमारा स्वास्थ और भी अच्छा बने इसलिए आपको जो भी उपाय सूट करता है उससे अपने स्वास्थ को जरूर बनाइए क्योंकि शारीरिक बीमारी आपकी ऊर्जा को कम करती है इस बात का ध्यान रखें कि आपके शरीर में कोई इंफेक्शन ना हो पाए | आपका शरीर साफ सुथरा रहे स्वस्थ रहे | शारीरिक स्वास्थ्य आपके शरीर में जिन चक्रो को प्रभावित करता है वो है ...मूलाधार चक्र , मणिपुर चक्र ,स्वाधिष्ठान चक्र |


इसके बाद बात आती है आपके मानसिक स्वास्थ्य की |  हम अपने शारीरिक स्वास्थ्य का तो फिर भी ख्याल रखते हैं पर मानसिक स्वास्थ का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखते हम भारतीयों में  देखा जाए तो यह एक बुरी आदत होती है हमें बुखार आ जाए तो हमें फर्क पड़ता है | हम डॉक्टर के पास  दवाई लेने जाते हैं | लेकिन अगर हमें दुख-तकलीफ है , क्रोध है, चिंता है ,मोह हैं तो हम इसका उपाय नहीं करते हैं..यह सभी मानसिक बीमारी भी ऊर्जा  के स्तर को कमजोर करती हैं | हमें दुख और आशंका में घेर लेती है और दैवीय शक्तियों से हमारे संपर्क को कमजोर करती हैं |
हमारा मानसिक स्वास्थ्य ज्यादातर हमारे हृदय चक्र को , विशुद्ध चक्र को , आज्ञा चक्र को और सहस्त्रार चक्र को प्रभावित करता है | दुख, तकलीफ ,तनाव, चिंता ,क्रोध ,गुस्सा आज्ञा चक्र और सहस्त्रार चक्र की शक्तियों को कमजोर करते हैं जबकि झूठ विशुद्ध चक्र को कमजोर बनाता है |


ईश्वरीय चेतना से  संपर्क कर पाने के लिए हमें जरूरत पड़ती है कि हम अपनी ऊर्जा के स्तर को दैवीय ऊर्जा के स्तर तक पहुंचाएं यानी अपने शरीर और मस्तिष्क को इतना ताकतवर बना दे ताकि जब ईश्वरीय शक्तियां हमसे संपर्क साधे तो हम उनकी ऊर्जा को सह सके | इसे ऐसे समझे की जैसे अचानक high voltage आ जाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स के जलने की सम्भावना बढ़ जाती है वैसे अगर दिव्य शक्तिया हमसे ऐसे मिले, जैसे हमारे परिचित मिलते है तो हमारे बीमार पड़ने की सम्भावना बढ़ जाएगी | हालंकि ईश्वर ने हमारे लिए बड़ी सुविधाएँ दी हुई है | दैवीय शक्तियां भी इस बात का ध्यान रखती है कि जब वो आपसे संपर्क करे या स्वयं को आपको अनुभव कराएं तो उतनी ही ऊर्जा के रूप में अनुभव कराएँ जितना  आपका शरीर और आपका मस्तिष्क सह सके | इसीलिए जब हम ध्यान में बैठते है तो हमे देवी देवता या दिव्य शक्तियों का स्वरूप धुधला धुंधला दिखता है साफ़ नहीं दीखता कभी कभी परछाई जैसा दीखता है | यही वजह है की हमे दो आँखे देने के बावजूद भी एक तीसरी आँख (जिसे हम आज्ञाचक्र के नाम से जानते है) दी गई है जिसमे अपनी शक्ति बढाने की power है | हमारी दोनों आँखों की शक्ति हम समय के साथ साथ खोते जाते है जबकि तीसरी आँख या आज्ञा चक्र की शक्ति को हम बढ़ा  सकते है | 

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