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ईश्वर एवं उनकी शक्तियां-- भाग १


ईश्वर एक परम चेतना का नाम है | यह वह शक्ति है जो की चैतन्य है, जगी हुई  है | सोयी हुई नहीं है | ईश्वर ऊर्जा का वह सोर्स है ,जिसका आदि अंत किसी को भी नहीं पता यहाँ  उन्हें व्यक्त करने का प्रयास भर किया गया है | ईश्वर ऊर्जा का वह आधार  है जिससे वह ऊर्जाएं पैदा होती है जो कीड़े मकोड़े जानवर मनुष्य से लेकर ब्रह्मांडों को पलों में बना और बिगड़ सकती हैं |
ईश्वरीय सत्ता को अनुभव करना जितना कठिन हैं ,उतना ही आसान भी हैं |ईश्वर, परमात्मा अपने आपको अलग अलग रूपों में व्यक्त करते हैं ,इसीलिए जिसने उन्हें जैसे पाया वैसे ही और लोगो को बताया | प्रश्न यह है कि अगर  उन्हें पाना इतना ही कठिन है, तो हम आसानी से कैसे उन्हें पा सकते हैं | याद रखे कि सहज अथवा सरल जीवन जीना  ही सबसे कठिन कार्य माना जाता है, पर इन्सान शांत मन से कठिन कार्यो को भी सरल से सरल बना लेता है | ऐसा करने की शक्तियां लेकरही एक आत्मा शरीर में प्रवेश करती है | परेशानी यह है, कि हम दुनियाँ में आँखें खोलते ही अपनी शक्तियों को भूल जाते है ,जीवन के सुखद और दुखद परिस्थितियों का सामना करते हुए ,हमे अपनी इन शक्तियों का बिलकुल भी ध्यान  नही रहता ,पर यदि इंसान अपनी इन्ही शक्तियों को जगा ले ,तो  वह तमाम तरीको के कठिन हालातो से आसानी से पार पा  लें |


    जब आत्मा शरीर धारण करती है तो ये शक्तियां शरीर के विभिन्न चक्रों मेंसमाहित हो जाती है , तथा शरीर को संचालित करती है इनमें  से कुछ शक्तियां जाग्रत अवस्था में रहती है ,तोकुछ सोई अवस्था में रहती है ,कुछ समय के साथ जागती हैं, तो कुछ सो भी जाती है |
शक्तियां जागी हुई होंगी अथवा सोयी हुई होंगी यह कई conditions पर निभर्र करता  है, जैसे एक व्यक्ति की शारीरिक एवं  मानसिक अवस्था , उसके पूर्व जन्मों के कर्म ,उसके आसपास का वातावरण ,उसके पिछले जन्मों के संस्कार और उसके नए बन रहे संस्कार | फिरभी एक व्यक्ति जाने अनजाने में इन शक्तियों को प्रयोग में लाता रहता है | उदाहरण के लिए एक व्यक्ति जो आसान हालातो में भी घबरा जाता है वो कठिन से कठिन हालातो में कैसे खुद को और अपने आसपास के लोगो को सम्हाल लेता है | क्या आपके साथ ऐसा हुआ है की आपके साथ कोई दुर्घटना होने वाली हो और अचानक आपको बचा लिया गया हो ,आपकी सहायता की गयी हो ,अचानक आपके मन के समस्या का सटीक हल मिल गया हो ,ऐसा लगा हो कि  किसी ने आपको आदेशात्मक सन्देश दिया हो जिसे मानने से आप किसी मुसीबत से बच  गये हो | क्या ऐसा कोई अनुभव हुआ है जिसे आप आध्यात्मिक अनुभव कहे ( ,यदि हुआ है तो कृपया हमसे share जरूर करे) | क्या आप इन्हें इत्तेफ़ाक कहेंगे यदि हाँ तो कुछ प्रयोग करें ये इत्तेफ़ाक रोज ही होने लगेंगे कहते है ना की दुनियाँ चमत्कारों से भरी पड़ी है देखने के लिए नज़रे चाहिये, आपके आस पास रोज ही  चमत्कार होते रहते है | वास्तव में ये इत्तेफ़ाक नहीं वो शक्तियां है जो प्रकट होकर कार्य करती है और फिर गायब हो जाती है ठीक वैसे ही जैसे बादलों की वजह से धुप आती जाती रहती है ,बादलों की वजह से  हम सूर्य के अस्तित्व को नकार नही सकते |  

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